में मतलबी नही , पर मुझे बस बना दिया | में समझादार नही था , पर मुशिकलो ने बस समझा दिया , दिल दिया था बेमतलब , लोगों ने इन्कार कर दिया || चाहां था बहुत पर , लोगों ने तो धोखा दे दिया था || में मतलबी नही था , पर मुझे मतलबी बना दिया था || हर जगह से रूके हुऐ थे बेमतलब , पर ठीक जगह पर ठहरना सीखा दिया था || साथ - सभी का दिया था, पर लोगो ने तो मिट्टी में ही मिला दिया था || नजर कया उठाऐ ऐ मेरे दोस्त , गददारो से मिलवा दिया था || ये अनिल हटरिया है जनाब , सब जानता था पर सब्र ने सब कुछ रूकवा दिया था ! में मतलबी तो नही था | पर लोगो ने मतलबी बना दिया था ||| हरकत से बाज नही थे लोग , अपने आप से उपर समझकर बैठे थे , चैन की जिंदगी जी रहा था पर गददारो ने तो प्लान कर रखा था || मतलबी लोगो ने तो जाल बिछा रखा था | पर ताकतवर लोगो ने तो सिर झूका रखा था | में मतलबी तो नही , पर मुझे बस बना दिया था | में समझादार तो नही था , पर मुशिकलो ने बस समझा दिया था | हर बार की आदत थी , मुसकुराकर छोडने की || पर अबकी बारी तो ताकत थी बस लडने की , कयोकि में मतलब...
में देखता सब कुछ हूँ , बस में कहता कुछ भी नही | विशवास है भगवान पर , विशवास है भगवान पर , ना गलत किसी को कहता हूँ| अपनी यादे अपने पास है | किसी के फालतू साथ मे ना हूँ | ना कहना चाहता हूँ किसी की , पर सुनता सभी की हूँ , में भगवान तो नही , पर भगवान के साथ जरूर. हूँ | साथ दिया मेरा बहुत बार , लटकती लटकती जिंदगी को थामा है तूने , जन्म से बडे होने एवम् सफल होने का तोहफा दिया है तुने मुझे , में देखता सब कुछ हूँ , बस कहता कुछ भी नही | कैसे कह दू में किसी को , कि करता कुछ नहीं , रहता हूँ हर बार साथ , पर दिखता कभी नही हूँ ||| में देखता सब कुछ हूँ , बस में कहता कुछ भी नही | रहता हूँ मगन अपनी दुनिया में , ना सुनता हूँ किसी गैर की बात , में चलता हूँ एकदम ऊसके ,, साथ साथ जिन्होने ऊगली पकड के चलना सिखाया | उन्होने कभी भूखा सोने ना दिया | फिर भी कभी रोने ना दिया || हंसाने के नाटक बहुत किये , पर पीछे मुडकर किसी का इंतजार ना करने दिया | जिन्होने एक पल में ना कहाँ , हमने उनके साथ आना छोड दिया || भगवान में तेरे साथ हू कहता रहा , तू सच...